उत्तर प्रदेश के कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि
राज्य के कृषि क्षेत्रीय Gross State Value Added (GSVA) में भारी उछाल
यूपी का कृषि क्षेत्रीय Gross State Value Added (GSVA) वित्तीय वर्ष 2016-17 में लगभग ₹2 ट्रिलियन था, जो अब वित्तीय वर्ष 2024-25 में बढ़कर लगभग ₹7 ट्रिलियन हो गया है—यानी लगभग तीन गुना वृद्धि हुई है।
वर्तमान में खाद्यान्न उत्पादन की मात्रा 73.7 मिलियन टन है।
कृषि क्षेत्र में योगदान का विभाजन इस प्रकार है:
- खाद्यान्न (Food grain): 40% से अधिक
- बागवानी (Horticulture): लगभग 22.5%
- गन्ना (Sugarcane): लगभग 19.5%
- शेष हिस्सा पशुपालन, मत्स्य पालन आदि अन्य सहायक गतिविधियों से आता है।
कृषि क्षेत्र में योगदान का ग्राफ
महत्वपूर्ण बिंदु (यूपी कृषि वृद्धि)
| क्षेत्र | विवरण |
|---|---|
| GSVA में वृद्धि | 2016-17 में ₹2 ट्रिलियन था, जो 2024-25 में ₹7 ट्रिलियन तक पहुँच गया — तीन गुना से अधिक। |
| खाद्यान्न उत्पादन | 2024-25 में खाद्यान्न का उत्पादन 73.7 मिलियन टन हुआ — यह UP की उन्नति और उत्पादन क्षमता को दर्शाता है। |
| क्षेत्रीय योगदान | खाद्यान्न 40%, बागवानी 22.5%, गन्ना 19.5%, बचे हिस्से में पशुपालन, मत्स्य पालन आदि शामिल हैं। |
| उद्देश्य और प्रभाव | इस वृद्धि से किसानों की आय में सुधार, रोजगार सृजन, और राज्य की खाद्य सुरक्षा मजबूत हुई है; कृषि आज राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन चुकी है। |
| सरकारी प्रयास | समय पर खाद, बीज, सिंचाई, MSP, कृषि अनुसंधान और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास जैसी पहलें इस वृद्धि की वजह बन रही हैं। |