राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन
प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए एक नई सरकारी पहल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 23 अगस्त, 2025 को दिल्ली (ICAR, पूसा) में "राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन" का शुभारंभ करेंगे। इस मिशन को केंद्रीय सहयोगी योजना के तहत ₹2,481 करोड़ के बजट के साथ मंजूरी मिली है। इसका उद्देश्य मिट्टी की सेहत बेहतर बनाना, खेती की लागत कम करना, प्राकृतिक, रासायनिक-मुक्त कृषि को बढ़ावा देना, और जलवायु अनुकूल कृषि को मजबूत बनाना है।
विस्तृत जानकारी — प्रमुख बिंदु
| विषय | विवरण |
|---|---|
| लॉन्च की तारीख और स्थान | 23 अगस्त 2025 को ICAR पूसा, दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा। |
| कुल बजट और वित्तीय योगदान | ₹2,481 करोड़—केंद्र: ₹1,584 करोड़, राज्य: ₹897 करोड़, योजना अवधि 2025-26 तक (15वीं वित्त आयोग तक)। |
| लक्ष्य और कवरेज | 7.5 लाख हेक्टेयर भूमि और 1 करोड़ किसानों को लाभ पहुँचाना है। |
| उद्देश्य | खेतों में रसायन रहित खेती को बढ़ावा देना, उत्पादन लागत घटाना, मिट्टी की उर्वरता सुधारना, जैव विविधता व पारिस्थितिकी को संरक्षित करना। |
| लॉन्च से पूर्व तैयारी | योजना के लिए आवश्यक पूर्व तैयारी की गई है—जिसमें पायलट क्लस्टर्स, डिजिटली निगरानी संरचना, प्रशिक्षण व ब्रांडिंग शामिल हैं। |
| लॉन्च के साथ आगामी कार्यक्रम | ‘रबी सम्मेलन’ (15–16 सितम्बर 2025), और 'विकसित कृषि संकल्प अभियान' (विजय पर्व: 3–18 अक्टूबर 2025)। |
| लॉन्ग टर्म विज़न | कृषि को टिकाऊ, पर्यावरण-संवेदनशील और किसान-केंद्रित बनाना—ज्यादा आत्मनिर्भर और जलवायु-प्रभावों के प्रति दृढ़। |